केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बैठक में ‘विकसित भारत जी राम जी’ पहल पर चर्चा की। नई व्यवस्था 1 जुलाई से लागू होगी और राज्यों को 95,692 करोड़ रुपये का अंतरिम आवंटन जारी किया गया है।
एक रिपोर्ट में बताया गया है कि साल में दो बार लगने वाले इंजेक्शन एचआईवी संक्रमण की रोकथाम में मदद कर सकते हैं। यदि प्रभाव और उपलब्धता सुनिश्चित हुई, तो यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है।
एक नई अध्ययन रिपोर्ट ने बजट 2026-27 से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य पर अधिक खर्च की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय से उठ रही मांग को यह अध्ययन ‘ठोस आधार’ देता है।
एक हेल्थ रिपोर्ट के अनुसार 2026 में AI-आधारित डायग्नोसिस, जीन/डेटा-ड्रिवन इलाज और mRNA जैसी तकनीकों से कैंसर से लेकर मोटापे तक के उपचार में तेज़ बदलाव दिख सकता है।
जर्मनी के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी एंटीबॉडी पर काम की जानकारी दी है जो प्रयोगों में एचआईवी के बहुत बड़े हिस्से को निष्क्रिय कर सकी। शुरुआती नतीजे उपचार और रोकथाम—दोनों के लिए संभावनाओं की ओर इशारा करते हैं।
कड़ाके की सर्दी के बीच मौसम विभाग ने 27 जनवरी 2026 को दिल्ली-एनसीआर सहित 13 राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया। ठंड बढ़ने और कुछ इलाकों में शीतलहर की भी संभावना जताई गई।
एक हेल्थ रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है और इसे 2026 में गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती के रूप में देखना चाहिए। रिपोर्ट में NFHS-5 के आंकड़ों का हवाला देते हुए और हाल के शोधों का जिक्र करते हुए वजन बढ़ने, पेट की चर्बी और उससे जुड़ी बीमारियों पर राष्ट्रीय स्तर की रणनीति की जरूरत बताई गई है।
मध्य प्रदेश सरकार आयुष्मान भारत मॉडल पर आधारित एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना पर काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को 5 से 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ मिल सकता है।
NCR में तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते कुछ इलाकों में AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में आया, लेकिन पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की रफ्तार घटने पर 26-27 जनवरी 2026 को स्थिति फिर बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे उतार-चढ़ाव के दौरान श्वसन रोगियों और संवेदनशील समूहों को सतर्क रहना चाहिए।
डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक जर्मनी में रक्त की आपूर्ति कम हो रही है, जिसके चलते रक्तदान बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह कमी एक व्यावहारिक चुनौती बन सकती है।
नेचर जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए खबर में कहा गया कि डायबिटीज अब वैश्विक संकट बन चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक लाइफस्टाइल, खानपान, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि जैसी वजहों से मामलों में तेजी देखी जा रही है।
WHO ने 23 जनवरी 2026 को mpox के बहु-देशीय प्रकोप पर External Situation Report #62 जारी की। रिपोर्ट में 31 दिसंबर 2025 तक के वैश्विक डेटा, अफ्रीका में 18 जनवरी 2026 तक की स्थिति और 22 जनवरी 2026 तक की ऑपरेशनल रिस्पॉन्स अपडेट शामिल हैं।