NCR में हवा की गुणवत्ता में अस्थायी सुधार के बाद फिर ‘खराब’ होने की आशंका, मौसम बदलाव से उतार-चढ़ाव जारी
NCR में तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलते कुछ इलाकों में AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में आया, लेकिन पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की रफ्तार घटने पर 26-27 जनवरी 2026 को स्थिति फिर बिगड़ सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे उतार-चढ़ाव के दौरान श्वसन रोगियों और संवेदनशील समूहों को सतर्क रहना चाहिए।
उत्तर भारत के बड़े हिस्से, खासकर दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान वायु प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए लगातार चिंता का विषय रहता है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, तेज उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण कुछ शहरों में हवा की गुणवत्ता में अस्थायी सुधार दर्ज हुआ और कई इलाकों में AQI ‘मध्यम’ श्रेणी तक आया। हालांकि, पूर्वानुमान यह भी बताता है कि यह राहत टिकाऊ नहीं हो सकती और 26-27 जनवरी 2026 को हवाओं की रफ्तार घटने पर स्थिति फिर ‘खराब’ स्तर की ओर जा सकती है।

हवाओं से राहत, लेकिन अस्थायी
रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी हवाओं ने प्रदूषक कणों को फैलाने में मदद की, जिससे कई इलाकों में AQI नीचे आया। यह बदलाव मौसम की गतिशीलता से जुड़ा है—हवा तेज रहे तो प्रदूषण ‘डिस्पर्स’ होता है, जबकि हवा धीमी पड़े तो स्थानीय उत्सर्जन का असर तेज हो जाता है और स्मॉग जैसी स्थिति बनने लगती है।
क्यों जरूरी है स्वास्थ्य सतर्कता
AQI में उतार-चढ़ाव के दौरान श्वसन रोगियों, बच्चों, बुजुर्गों और हृदय रोग से जूझ रहे लोगों पर असर जल्दी पड़ता है। ऐसे दिनों में आंखों में जलन, सांस फूलना, खांसी और एलर्जी के लक्षण बढ़ सकते हैं। ‘मध्यम’ श्रेणी भी संवेदनशील समूहों के लिए जोखिम पैदा कर सकती है, जबकि ‘खराब’ श्रेणी में जोखिम और बढ़ जाता है।
घर-परिवार के लिए व्यावहारिक सावधानियां
- सुबह/शाम आउटडोर वॉक या व्यायाम का समय AQI देखकर तय करें; बहुत खराब हवा में बाहर निकलने से बचें।
- अस्थमा/सीओपीडी मरीज इनहेलर/दवाएं नियमित रखें और लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लें।
- घर में वेंटिलेशन को संतुलित रखें; धूल/धुआं बढ़ाने वाली गतिविधियों (अगरबत्ती/कचरा जलाना) से बचें।
- बच्चों के लिए स्कूल/आउटडोर गतिविधियों की योजना मौसम व AQI अपडेट के आधार पर करें।
आने वाले दिनों में क्या उम्मीद
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हवा की गति और मौसम में बदलाव के कारण आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता फिर से ‘खराब’ हो सकती है, जबकि कुछ समय के लिए बारिश/हवा राहत भी दे सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर रणनीति यही है कि लोग स्थानीय AQI अपडेट नियमित देखते रहें और उसी के अनुसार अपनी दिनचर्या समायोजित करें।