नए अध्ययन की सिफारिश: बजट 2026-27 से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य पर अधिक फंडिंग की जरूरत
एक नई अध्ययन रिपोर्ट ने बजट 2026-27 से पहले सार्वजनिक स्वास्थ्य पर अधिक खर्च की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि लंबे समय से उठ रही मांग को यह अध्ययन ‘ठोस आधार’ देता है।
केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले आई एक नई अध्ययन रिपोर्ट में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अधिक राशि आवंटित करने की जरूरत बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह अध्ययन लंबे समय से चल रही मांग को ठोस आधार देता है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ना चाहिए। ([ibc24.in](https://www.ibc24.in/country/new-study-calls-for-more-funding-for-public-health-3440792.html))

बजट से पहले स्वास्थ्य खर्च पर बहस फिर तेज
बजट से पहले अक्सर स्वास्थ्य क्षेत्र में फंडिंग, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती और सिस्टम की क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दे चर्चा में आते हैं। खबर के अनुसार, इस अध्ययन ने नीति-निर्माताओं के सामने यह सवाल फिर रखा है कि क्या मौजूदा स्तर का स्वास्थ्य बजट बढ़ती जरूरतों के अनुरूप है या नहीं। ([ibc24.in](https://www.ibc24.in/country/new-study-calls-for-more-funding-for-public-health-3440792.html))
अधिक फंडिंग का मतलब क्या हो सकता है
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में स्टाफ/इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार
- रोग-निगरानी, टेस्टिंग और आपात प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाना
- टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों का विस्तार
- जनस्वास्थ्य डेटा, डिजिटल हेल्थ और सप्लाई-चेन सिस्टम में निवेश
क्यों महत्वपूर्ण है सार्वजनिक स्वास्थ्य निवेश
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर निवेश का असर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहता; यह बीमारी की रोकथाम, उत्पादकता, और घरों के मेडिकल खर्च के बोझ को घटाने से भी जुड़ा होता है। इसलिए बजट में प्राथमिकता बढ़ने पर सिस्टम-स्तर पर बदलाव की संभावना बढ़ जाती है।
अगले संकेत 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले बजट में दिखेंगे—क्या सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए आवंटन और कार्यक्रमों में विस्तार की दिशा में कोई ठोस कदम उठता है या नहीं। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/india/news/story/aaj-ki-taza-khabar-28-january-2026-morning-top-news-headlines-ntc-dskc-2450680-2026-01-28))