मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के लिए नई हेल्थ इंश्योरेंस योजना की तैयारी: 5–10 लाख तक कैशलेस इलाज
मध्य प्रदेश सरकार आयुष्मान भारत मॉडल पर आधारित एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना पर काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को 5 से 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ मिल सकता है।
मध्य प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की तैयारी की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक यह योजना आयुष्मान भारत मॉडल पर आधारित हो सकती है और इसके तहत कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा उनके परिवारों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज का लाभ देने पर विचार किया जा रहा है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य सरकार इस योजना को ‘राहत भरी’ पहल के तौर पर देख रही है, क्योंकि निजी अस्पतालों में इलाज की लागत लगातार बढ़ रही है और गंभीर बीमारी की स्थिति में परिवारों पर आर्थिक बोझ तेजी से बढ़ जाता है। कैशलेस मॉडल का उद्देश्य यह है कि मरीज को इलाज के समय जेब से भुगतान कम करना पड़े और क्लेम प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित हो।
योजना के दायरे में किस तरह के उपचार, कौन-कौन से अस्पताल, और किन प्रक्रियाओं पर कवरेज होगा—ये बातें आमतौर पर पॉलिसी की शर्तों और नेटवर्क हॉस्पिटल सूची से तय होती हैं। रिपोर्ट के आधार पर संकेत मिलता है कि सरकार बड़े पैमाने पर लाभार्थी वर्ग को देखते हुए व्यापक नेटवर्क और स्पष्ट पैकेज दरों पर काम कर सकती है।
स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में अक्सर एक बड़ा मुद्दा अस्पतालों के साथ दर-निर्धारण, प्री-ऑथराइजेशन और दावों का समय पर निपटान होता है। यदि योजना लागू होती है तो इसके प्रशासनिक ढांचे—जैसे थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर (TPA) या ट्रस्ट मॉडल—पर भी असर पड़ेगा कि लाभ कितनी सहजता से मिलते हैं।
रिपोर्ट का संकेत है कि यह योजना नए साल की प्राथमिकताओं में शामिल है। आने वाले समय में कैबिनेट/वित्त विभाग की स्वीकृति, बजटीय प्रावधान, और लागू होने की तारीख जैसे बिंदुओं पर आधिकारिक घोषणा से तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।