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चीन-यूरोप नजदीकियां और अमेरिका की चिंता: फिनलैंड पीएम के दौरे पर HRW की अपील

यूरोपीय देशों के चीन के साथ आर्थिक संबंध बढ़ाने की कोशिशों के बीच फिनलैंड के प्रधानमंत्री के चीन दौरे को लेकर मानवाधिकार समूह HRW ने मुद्दे उठाए। रिपोर्ट में शिनजियांग से जुड़े आरोपों और वैश्विक राजनीति में बढ़ते संतुलन-चुनाव की चर्चा है।

यूरोप के कई देशों के चीन के साथ रिश्ते गहरे करने की कोशिशों के बीच अमेरिका की चिंता फिर से चर्चा में है। इसी पृष्ठभूमि में फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के चीन दौरे को लेकर Human Rights Watch (HRW) ने अपील करते हुए शिनजियांग से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिलाने की बात कही है।

चीन-यूरोप नजदीकियां और अमेरिका की चिंता: फिनलैंड पीएम के दौरे पर HRW की अपील
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खबर के मुताबिक HRW ने आरोप लगाया है कि शिनजियांग में उइगर और अन्य तुर्क मुसलमानों के साथ गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन हो रहे हैं। समूह का कहना है कि मनमाने ढंग से हिरासत, व्यापक निगरानी और जबरन श्रम जैसी बातें सामने आती रही हैं, इसलिए चीन के साथ उच्चस्तरीय बातचीत में इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

इस घटनाक्रम को व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ में देखा जा रहा है। अमेरिका ने हाल के वर्षों में चीन के खिलाफ सख्त नीति और ‘रणनीतिक प्रतिस्पर्धा’ की लाइन अपनाई है। दूसरी ओर यूरोपीय देशों के लिए चीन के साथ व्यापार, निवेश और सप्लाई-चेन संबंध व्यावहारिक जरूरत भी बने हुए हैं।

फिनलैंड के प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब पश्चिमी देशों में सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, दुर्लभ खनिजों, और रणनीतिक उद्योगों को लेकर ‘डिकप्लिंग’ या ‘डी-रिस्किंग’ जैसे शब्दों पर बहस तेज है। यूरोप के कुछ देश चीन के साथ रिश्तों में सावधानी बरतते हुए भी आर्थिक अवसरों को खोना नहीं चाहते, जबकि अमेरिका अधिक कठोर रुख चाहता है।

विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के दौरों में दोहरे लक्ष्य सामने होते हैं—व्यापारिक और निवेश सहयोग को बनाए रखना, और साथ ही वैश्विक मुद्दों पर ‘मूल्य आधारित’ रुख भी दिखाना। HRW जैसी संस्थाएं इसी कारण दबाव बनाती हैं कि मानवाधिकार को कूटनीति के एजेंडे से बाहर न होने दिया जाए।

यह बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि चीन के साथ यूरोपीय सहभागिता और अमेरिका की रणनीति के बीच संतुलन बनाना कई सरकारों के लिए चुनौती बन चुका है।

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स्रोत

  1. NDTV World (Hindi)NDTV World (Hindi)