भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित FTA वार्ता के निष्कर्ष पर पहुंचने की खबर सामने आई है, जिसकी औपचारिक घोषणा 27 जनवरी 2026 को होने की संभावना बताई जा रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चली बातचीत के बाद फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर मुहर लगने जा रही है। दावा है कि इससे कुछ आयातित उत्पाद सस्ते हो सकते हैं और टेक्सटाइल, फुटवियर, फार्मा जैसे भारतीय निर्यात क्षेत्रों को बड़ा बाजार मिलेगा।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) के दिन BSE और NSE में इक्विटी, डेरिवेटिव्स, करेंसी व इंटरेस्ट-रेट डेरिवेटिव्स समेत प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं होगी। कमोडिटी मार्केट भी बंद रहेगा। वहीं अगले सप्ताह 1 फरवरी 2026 (रविवार) को बजट के दिन बाजार खुले रहने की जानकारी दी गई।
26 जनवरी 2026 (सोमवार) को 77वें गणतंत्र दिवस के कारण भारतीय शेयर बाजार बंद रहे। BSE और NSE में इक्विटी के साथ-साथ डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और SLB सहित कई सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं हुई।
26 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 5000 डॉलर के पार जाने की रिपोर्ट आई। वैश्विक तनाव और अनिश्चितता के बीच सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोना-चांदी दोनों में तेजी दिखी।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) के कारण NSE और BSE में इक्विटी सहित प्रमुख सेगमेंट्स में ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों के लिए यह जानकारी ट्रेड प्लान और सेटलमेंट टाइमलाइन के लिहाज से अहम है।
मनीकंट्रोल हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक यूनियन बजट पेश होने वाले दिन 1 फरवरी 2026 (रविवार) को BSE और NSE खुले रहेंगे। दोनों एक्सचेंजों में कामकाज स्टैंडर्ड टाइमिंग के अनुसार होने की बात कही गई है।
निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए NSE/BSE के 2026 ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर की जानकारी अहम है। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में शेयर बाजार 15 कार्यदिवसों पर बंद रहेगा और जनवरी में 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को बाजार बंद होगा।
एक रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि 2026 भारतीय शेयर बाजार के लिए संतुलित (‘गोल्डीलॉक्स’) साल साबित हो सकता है। रिपोर्ट में अर्थव्यवस्था की वृद्धि, ब्याज दरों में संभावित नरमी, रुपये की स्थिरता और वैश्विक जोखिम घटने जैसे कारकों को सहारा बताया गया है, साथ ही निफ्टी के लिए 28,720 लक्ष्य और लगभग 11% रिटर्न का अनुमान दिया गया है।
दावोस में WEF अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने भारत की आर्थिक रफ्तार और नीतिगत सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तेज वृद्धि बनाए रख सकता है और वैश्विक आर्थिक वृद्धि में उसकी हिस्सेदारी उल्लेखनीय हो सकती है।
विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की चाल कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) नतीजों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर निर्णय और बजट 2026-27 से जुड़े संकेतों से तय हो सकती है।
एंजेल वन ने Q3FY26 में मजबूत नतीजे पेश किए और डिविडेंड व स्टॉक स्प्लिट की घोषणा की। इसके बाद शेयर में तेज बढ़त देखी गई। ब्रोकरेज जेएम फाइनेंशियल ने स्टॉक पर BUY कॉल दिया और तिमाही प्रदर्शन के कई संकेतकों को सकारात्मक माना।