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दावोस 2026: WEF प्रमुख का दावा—वैश्विक ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी 20% तक हो सकती है

दावोस में WEF अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने भारत की आर्थिक रफ्तार और नीतिगत सुधारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तेज वृद्धि बनाए रख सकता है और वैश्विक आर्थिक वृद्धि में उसकी हिस्सेदारी उल्लेखनीय हो सकती है।

दावोस 2026 के मंच से भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर सकारात्मक संकेतों की चर्चा तेज है। एक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने NDTV से बातचीत में कहा कि भारत इस साल बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना रह सकता है।

दावोस 2026: WEF प्रमुख का दावा—वैश्विक ग्रोथ में भारत की हिस्सेदारी 20% तक हो सकती है
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खबर में यह भी कहा गया कि ब्रेंडे ने अनुमान जताया कि दुनिया की कुल आर्थिक वृद्धि में अकेले भारत की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत तक हो सकती है। यह आकलन भारत की मांग, निवेश आकर्षण, और हाल के वर्षों में किए गए आर्थिक सुधारों तथा नीति-स्तरीय फैसलों के संदर्भ में देखा जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, WEF प्रमुख ने यह संकेत भी दिया कि अगर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की दिशा में कोई बड़ा कदम होता है, तो उसका प्रभाव निवेश माहौल और वैश्विक सप्लाई-चेन पर पड़ सकता है। हालांकि ऐसे समझौतों की राह में भू-राजनीतिक और घरेलू नीतिगत चुनौतियां भी होती हैं।

दावोस जैसे मंच पर भारत को लेकर यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां निवेशक, नीति-निर्माता और कॉरपोरेट नेतृत्व वैश्विक जोखिमों के बीच नए ग्रोथ-इंजन की तलाश करते हैं। महामारी के बाद की रिकवरी, ऊर्जा-परिवर्तन, एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसी थीमें दुनिया भर में पूंजी के प्रवाह को प्रभावित कर रही हैं।

भारत के लिए चुनौती यह होगी कि तेज वृद्धि के साथ-साथ रोजगार सृजन, कौशल विकास, विनिर्माण प्रतिस्पर्धा, और निर्यात क्षमता को समान रूप से मजबूत रखा जाए। साथ ही, महंगाई नियंत्रण, वित्तीय स्थिरता और बुनियादी ढांचे में निवेश जैसे मोर्चों पर निरंतरता भी जरूरी है।

कुल मिलाकर, दावोस 2026 में भारत की ‘ग्रोथ स्टोरी’ को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है, लेकिन बाजार और निवेशक आने वाले महीनों में नीतिगत क्रियान्वयन और वैश्विक परिस्थितियों के साथ उसके तालमेल को भी करीब से देखेंगे।

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स्रोत

  1. NDTV BusinessNDTV Business