दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट: भारत-पाक ने तनाव के बीच खेल में दिखाई खेलभावना, अंडरआर्म बॉलिंग और ‘आवाज़ वाली’ गेंद से चलता है मैच
भारत और पाकिस्तान की दृष्टिबाधित महिला क्रिकेट टीमों ने राजनीतिक तनाव को किनारे रखते हुए मैदान पर हाथ मिलाया और एक-दूसरे की तारीफ की। मैच में पाकिस्तान ने 135 रन बनाए और भारत ने 10.2 ओवर में लक्ष्य हासिल किया। रिपोर्ट बताती है कि यह दृष्टिबाधित महिलाओं के लिए पहला टी-20 टूर्नामेंट बताया गया है, जिसमें कई देश भाग ले रहे हैं।
मैच में क्या हुआ
रिपोर्ट के अनुसार, श्रीलंका के कटुनायके में भारत और पाकिस्तान की दृष्टिबाधित महिला टीमों के बीच टी-20 मुकाबला हुआ। पाकिस्तान ने पहले खेलते हुए 8 विकेट पर 135 रन बनाए। भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए केवल 10.2 ओवर में 8 विकेट से मैच जीत लिया। दोनों टीमों ने मैच के बाद गर्मजोशी से हाथ मिलाया और खेल की भावना दिखाने की बात सामने आई।

यह घटना ऐसे समय में हुई जब भारत-पाक संबंधों में तनाव का असर खेल तक दिखाई दिया था। रिपोर्ट में बताया गया कि कई मौकों पर दोनों देशों के बीच हाथ मिलाने जैसे प्रतीकात्मक इशारों को लेकर भी बहस होती रही है, लेकिन यहां खिलाड़ियों ने अलग संदेश दिया।
दृष्टिबाधित क्रिकेट कैसे खेला जाता है
दृष्टिबाधित क्रिकेट में खिलाड़ियों की दृष्टि-क्षमता अलग-अलग हो सकती है और टीम संयोजन भी उसी के अनुसार बनता है। पारंपरिक क्रिकेट से एक बड़ा फर्क यह है कि बॉलिंग अंडरआर्म की जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक खेल में टेनिस बॉल के आकार की एक विशेष गेंद इस्तेमाल होती है, जिसमें बॉल बेयरिंग भरी होती हैं ताकि गेंद के चलने पर आवाज़ आए। खिलाड़ी इसी आवाज़ के आधार पर गेंद की दिशा और गति का अनुमान लगाते हैं, इसलिए सुनने की क्षमता की भूमिका बहुत अहम हो जाती है।
टूर्नामेंट का महत्व
आयोजकों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि यह दृष्टिबाधित महिलाओं के लिए दुनिया का पहला टी-20 टूर्नामेंट है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, नेपाल, श्रीलंका और अमेरिका जैसी टीमें भी हिस्सा ले रही हैं। इसका लक्ष्य केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि दिव्यांग महिलाओं के लिए अवसर, दृश्यता और खेल में भागीदारी बढ़ाना भी है।
यह टूर्नामेंट बताता है कि सीमित संसाधनों और कम दर्शकों के बावजूद, खेल प्लेटफॉर्म कैसे नई प्रतिभाओं को सामने ला सकता है और सामाजिक बाधाओं को चुनौती देने की जगह बन सकता है।