राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर ‘मन की बात’: पीएम मोदी ने संविधान, मतदान और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया
25 जनवरी 2026 को ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस, संविधान निर्माताओं को नमन और गणतंत्र दिवस के संदेशों पर बात की। उन्होंने नागरिक भागीदारी और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों को रेखांकित किया।
25 जनवरी 2026 (रविवार) को प्रसारित ‘मन की बात’ के 130वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र और नागरिक भागीदारी के मुद्दों को केंद्र में रखा। यह 2026 का पहला एपिसोड था और संयोग से यह दिन राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) भी था। प्रधानमंत्री ने आने वाले 26 जनवरी के गणतंत्र दिवस का उल्लेख करते हुए कहा कि यह दिन संविधान लागू होने की स्मृति से जुड़ा है और हमें संविधान निर्माताओं को नमन करने का अवसर देता है।

मतदाता दिवस का संदर्भ और संदेश
प्रधानमंत्री ने 25 जनवरी के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि मतदाता दिवस केवल एक औपचारिक तारीख नहीं है, बल्कि यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र की ताकत लोगों की भागीदारी से बनती है। उन्होंने खास तौर पर युवाओं की भूमिका पर जोर दिया और कहा कि मतदान जैसे नागरिक कर्तव्य से देश की दिशा तय होती है।
गणतंत्र दिवस से जुड़ा व्यापक संदेश
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि 26 जनवरी को संविधान लागू हुआ था और यह दिन हमें अपने लोकतांत्रिक मूल्यों की ओर लौटने का अवसर देता है। उनके संदेश में ‘अधिकार के साथ जिम्मेदारी’ का भाव प्रमुख रहा—कि नागरिक जीवन में सक्रिय सहभागिता ही संस्थाओं को मजबूत बनाती है।
क्यों यह चर्चा राजनीतिक रूप से अहम मानी गई
कई बार ‘मन की बात’ को नीति संकेतों और सामाजिक संदेशों के मंच के रूप में भी देखा जाता है। 25 जनवरी 2026 के एपिसोड में मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस का एक साथ आना राजनीतिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह व्यापक रूप से नागरिकों से संवाद का समय होता है और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति भरोसा मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जाता है।
कुल मिलाकर, 25 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री के संबोधन का केंद्र लोकतंत्र, संविधान और मतदान रहा। संदेश यह था कि राष्ट्रीय उत्सव केवल समारोह नहीं, बल्कि नागरिक जिम्मेदारियों को याद करने और उन्हें निभाने का अवसर भी हैं।