पश्चिम बंगाल वोटर लिस्ट SIR समय-सीमा बढ़ाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, अब 3 फरवरी 2026 को होगी सुनवाई
पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के SIR (Special Intensive Revision) से जुड़ी समय-सीमा बढ़ाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल विस्तार से इनकार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब इस मामले की सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी।
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के SIR (Special Intensive Revision) की समय-सीमा बढ़ाने की मांग से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने समय बढ़ाने से इनकार करते हुए सुनवाई स्थगित कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार अब यह मामला मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को सुना जाएगा। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/india/news/story/aaj-ki-taza-khabar-28-january-2026-evening-top-news-headlines-ntc-dskc-2451476-2026-01-28?utm_source=openai))

क्या है मामला और अगला कदम
खबर में बताया गया है कि इस विषय पर समय-सीमा बढ़ाने की मांग के संदर्भ में अदालत में दलीलें रखी गईं, लेकिन फिलहाल तारीख बढ़ाने पर सहमति नहीं बनी। अब अगली सुनवाई की तारीख 3 फरवरी 2026 तय की गई है, जहां आगे की बहस और निर्देशों पर नजर रहेगी। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/india/news/story/aaj-ki-taza-khabar-28-january-2026-evening-top-news-headlines-ntc-dskc-2451476-2026-01-28?utm_source=openai))
क्यों महत्वपूर्ण है SIR
SIR जैसी प्रक्रियाएं मतदाता सूची को अद्यतन करने, डुप्लीकेट/त्रुटियों की पहचान करने और पात्र मतदाताओं के नाम शामिल रखने के लिए अहम मानी जाती हैं। ऐसी प्रक्रियाओं की समय-सीमा और संचालन पर राजनीतिक दलों व प्रशासन की निगाह रहती है क्योंकि इसका असर चुनावी तैयारी, अपील/आपत्तियों और सत्यापन के समय पर पड़ता है।
3 फरवरी की सुनवाई से क्या उम्मीद
- समय-सीमा, प्रक्रिया और नोटिस/जांच के मानकों पर स्पष्टता
- किसी अंतरिम राहत/निर्देश की संभावना
- प्रक्रिया के व्यावहारिक प्रभावों पर पक्षकारों की विस्तृत दलीलें
अदालत के रुख और आगे के निर्देशों से यह तय होगा कि SIR की आगे की रूपरेखा और समय-निर्धारण में कोई बदलाव होता है या नहीं। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/india/news/story/aaj-ki-taza-khabar-28-january-2026-evening-top-news-headlines-ntc-dskc-2451476-2026-01-28?utm_source=openai))