दिल्ली AIIMS में हार्ट सर्जरी की संख्या में रिकॉर्ड गिरावट, प्रतीक्षा सूची फिर भी वर्षों लंबी
एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली AIIMS में हार्ट सर्जरी की संख्या में अचानक बड़ी कमी दर्ज की गई है, जबकि मरीजों की वेटिंग लिस्ट अब भी कई साल तक लंबी बताई जा रही है।
दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में हार्ट सर्जरी की संख्या में अचानक रिकॉर्ड गिरावट की खबर सामने आई है। 26 जनवरी 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, जहां पहले हर साल बड़ी संख्या में हृदय शल्य-चिकित्सा प्रक्रियाएं होती थीं, अब तक सर्जरी की संख्या अपेक्षाकृत बहुत कम बताई गई है, जबकि मरीजों की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) अब भी वर्षों लंबी बनी हुई है।

स्वास्थ्य प्रणाली के संदर्भ में यह स्थिति कई तरह के सवाल खड़े करती है—क्या ऑपरेशन थिएटर की क्षमता, स्टाफिंग, उपकरणों की उपलब्धता, ICU बेड, या रेफरल/ट्रायेज प्रक्रिया में कोई बदलाव हुआ है? ऐसे बड़े संस्थानों में आउटपुट में तेज गिरावट के पीछे अक्सर बहु-कारक कारण होते हैं, जिनमें प्रशासनिक पुनर्गठन, संसाधन-सीमाएं, या किसी विशेष विभाग में प्रोसेस-चेंज शामिल हो सकते हैं।
मरीजों के लिए इसका व्यावहारिक अर्थ यह हो सकता है कि जिन्हें समय-संवेदनशील उपचार चाहिए, उन्हें वैकल्पिक सरकारी/निजी अस्पतालों की तरफ जाना पड़े। इससे इलाज की लागत बढ़ने, फॉलो-अप में बाधा आने और देरी से जटिलताओं का जोखिम बढ़ने की आशंका भी पैदा होती है—खासकर उन परिवारों के लिए जो AIIMS जैसे संस्थान पर आर्थिक कारणों से निर्भर रहते हैं।
नीति और सार्वजनिक स्वास्थ्य के स्तर पर, यह मामला ‘सेकेंड-ओपिनियन’ या ‘इंश्योरेंस’ की बहस से आगे जाकर अस्पताल-स्तरीय क्षमता प्रबंधन (capacity management) से जुड़ जाता है। कार्डियक सर्जरी जैसे क्षेत्र में ऑपरेशन की उपलब्धता केवल सर्जन पर निर्भर नहीं करती—एनेस्थीसिया टीम, परफ्यूजनिस्ट, नर्सिंग, ICU, रक्त बैंक, इमेजिंग, और पोस्ट-ऑप केयर जैसी कई कड़ियां मिलकर यह चक्र बनाती हैं।
रिपोर्ट में यह भी संकेत मिलता है कि गिरावट के कारणों पर स्पष्टता की कमी मरीजों की चिंता बढ़ा सकती है। ऐसे मामलों में स्वास्थ्य प्रशासन आमतौर पर डेटा-आधारित स्पष्टीकरण (आउटपेशेंट लोड, ऑपरेशन स्लॉट, केसेज़ की जटिलता, रेफरल पैटर्न) के जरिए स्थिति स्पष्ट करता है और क्षमता बढ़ाने के उपायों पर काम करता है।
आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि AIIMS प्रशासन इस गिरावट के कारणों पर क्या आधिकारिक विवरण देता है, और क्या संसाधन/प्रक्रिया सुधार के जरिए सर्जरी की संख्या और मरीजों की प्रतीक्षा अवधि को कम करने के कदम उठाए जाते हैं।