मुख्य सामग्री पर जाएं

LIVEखेल समाचार · स्रोत सहित

पिच
India
समय
मैदान से न्यूज़रूम तकखेल संसार

खेल की खबरें — तथ्यों के साथ

समाचार रिपोर्ट / स्रोत सहितस्वास्थ्य

कम उम्र में बढ़ रही क्रोनिक किडनी डिजीज: खराब लाइफस्टाइल, डायबिटीज और हाई BP को माना जा रहा बड़ा कारण

एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ देशों में कम उम्र के लोगों में क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) के मामले बढ़ रहे हैं। इसके पीछे खराब जीवनशैली, अनियंत्रित डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन और एनर्जी ड्रिंक्स जैसे कारण बताए जा रहे हैं। शुरुआती लक्षणों में सूजन, थकान और पेशाब में झाग जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय यह है कि क्रोनिक किडनी डिजीज (CKD) अब केवल अधिक उम्र की बीमारी नहीं रह गई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मलेशिया में कम उम्र के लोगों में CKD के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और इसके पीछे खराब जीवनशैली को प्रमुख कारणों में गिना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह ट्रेंड बाकी देशों के लिए भी चेतावनी जैसा है, क्योंकि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी स्थितियां अब युवाओं में भी पहले से ज्यादा दिखने लगी हैं।

कम उम्र में बढ़ रही क्रोनिक किडनी डिजीज: खराब लाइफस्टाइल, डायबिटीज और हाई BP को माना जा रहा बड़ा कारण
संबंधित चित्र

क्यों बढ़ता है जोखिम: प्रमुख वजहें

रिपोर्ट में खराब लाइफस्टाइल के साथ-साथ अनियंत्रित डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, पेनकिलर का अधिक सेवन, एनर्जी ड्रिंक्स और बहुत हाई-प्रोटीन डाइट को जोखिम बढ़ाने वाले कारणों में बताया गया है। लंबे समय तक इन कारकों का असर किडनी के फिल्ट्रेशन सिस्टम पर पड़ सकता है, जिससे धीरे-धीरे कार्यक्षमता घटती है।

शुरुआती संकेत जिन्हें नजरअंदाज न करें

  • पेशाब में झाग आना या पेशाब के पैटर्न में बदलाव
  • चेहरे/पैरों में सूजन
  • असामान्य थकान और कमजोरी
  • बार-बार पेशाब आना (कुछ मामलों में)
  • भूख कम लगना या मतली जैसी शिकायतें

रोकथाम और सावधानी: रोज़मर्रा की आदतें

विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना, पर्याप्त पानी पीना, अत्यधिक नमक/प्रोसेस्ड फूड से बचना और बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर का लंबे समय तक सेवन न करना मददगार हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज, हाई BP या परिवार में किडनी रोग का इतिहास है, उन्हें नियमित जांच (जैसे किडनी फंक्शन टेस्ट/यूरिन टेस्ट) पर ध्यान देना चाहिए।

महत्वपूर्ण: अगर सूजन, थकान, या पेशाब से जुड़ी समस्या लगातार बनी रहे, तो स्वयं इलाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराएं—किडनी रोग शुरुआती चरण में पकड़े जाएं तो नियंत्रण की संभावना बढ़ जाती है।

रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

स्रोत

  1. AajTakAajTak