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टेक सेक्टर में 2025 की छंटनियों का असर: AI के बीच भर्ती घटने और जॉब मार्केट के बदलते संकेत

रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर छंटनियां हुईं और भर्ती की रफ्तार में गिरावट की बात सामने आई। AI और ऑटोमेशन के कारण रूटीन रोल्स पर दबाव बढ़ने, जबकि नई स्किल्स की मांग बढ़ने का संकेत मिला।

छंटनियां, भर्ती और AI: टेक इंडस्ट्री क्यों बदल रही है

ग्लोबल टेक सेक्टर 2025 में बड़ी उथल-पुथल से गुजरा। एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में कई कंपनियों में छंटनियां दर्ज की गईं और जॉब मार्केट में ‘हायरिंग स्लोडाउन’ जैसी स्थिति दिखी। रिपोर्टिंग में यह भी बताया गया कि भारत के आईटी इकोसिस्टम में बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं, लेकिन वैश्विक मांग, लागत-दबाव और तकनीकी बदलावों के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।

टेक सेक्टर में 2025 की छंटनियों का असर: AI के बीच भर्ती घटने और जॉब मार्केट के बदलते संकेत
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इस बदलाव के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। कई कंपनियां रूटीन, सपोर्ट और कुछ मिड-लेवल कार्यों को तेजी से ऑटोमेट कर रही हैं। इससे कुछ भूमिकाओं में कटौती, जबकि कुछ नई भूमिकाओं—जैसे AI इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और क्लाउड—में अवसर बढ़ने की तस्वीर बनती है।

किन कंपनियों/ट्रेंड्स का जिक्र रहा

रिपोर्ट में विभिन्न बड़ी टेक कंपनियों और उद्योग ट्रैकर्स के डेटा का संदर्भ देते हुए यह रुझान दिखाया गया कि 2025 में कई जगह जॉब कट्स हुए। साथ ही, यह संकेत भी दिए गए कि नई भर्तियों का पैटर्न पहले जैसा नहीं रहा और फोकस ‘कम लोगों में ज्यादा आउटपुट’ तथा ‘स्किल-शिफ्ट’ पर गया।

AI के दौर में नौकरी का जोखिम और अवसर—दोनों

AI को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह नौकरियां खत्म करेगा। रिपोर्ट का निष्कर्ष यह संकेत देता है कि कुछ जॉब रोल्स का स्वरूप जरूर बदलेगा और कुछ भूमिकाएं कम होंगी, लेकिन नए रोल्स भी बन रहे हैं। चुनौती यह है कि बदलाव तेज है और स्किल गैप तेजी से बढ़ सकता है।

रीस्किलिंग क्यों जरूरी हो गई

रिपोर्ट के अनुसार, इस चरण में रीस्किलिंग और अपस्किलिंग सबसे महत्वपूर्ण हो गई है। जिन प्रोफेशनल्स के काम को ऑटोमेशन आसानी से बदल सकता है, उन्हें डेटा/AI-टूल्स, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड, प्रोडक्ट मैनेजमेंट या डोमेन-विशेष स्किल्स की तरफ शिफ्ट करने की जरूरत बढ़ रही है।

टेक इंडस्ट्री के लिए यह दौर एक ‘रीसेट’ जैसा है—जहां कंपनियां लागत और उत्पादकता दोनों पर फोकस कर रही हैं, वहीं कर्मचारियों के लिए सीखने की रफ्तार और करियर प्लानिंग पहले से ज्यादा अहम होती जा रही है।

रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

स्रोत

  1. AajTakAajTak