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दक्षिणी अफ्रीका में बाढ़ का कहर: मोज़ाम्बिक सबसे ज्यादा प्रभावित, परिवहन ठप और लाखों पर असर

दक्षिणी अफ्रीका में हफ्तों की भारी बारिश ने मोज़ाम्बिक और उसके पड़ोसी देशों में भीषण बाढ़ पैदा की है। सड़कों-रेल व आपूर्ति शृंखलाओं पर बड़ा असर पड़ा है और राहत एजेंसियां कई जगहों तक पहुंच नहीं पा रही हैं।

दक्षिणी अफ्रीका के कई हिस्सों में हफ्तों से जारी भारी बारिश ने गंभीर बाढ़ का रूप ले लिया है। सबसे भारी असर मोज़ाम्बिक में देखा जा रहा है, जहां जलभराव ने परिवहन मार्गों को काट दिया, लोगों को विस्थापित किया और सरकार व सहायता एजेंसियों पर दबाव बढ़ा दिया। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में सड़कें और पुल जल्दी टूट गए, खासकर निचले क्षेत्रों में जो हर साल मौसमी जलभराव का सामना करते हैं।

दक्षिणी अफ्रीका में बाढ़ का कहर: मोज़ाम्बिक सबसे ज्यादा प्रभावित, परिवहन ठप और लाखों पर असर
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स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक देश भर में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं और जानमाल का नुकसान भी दर्ज किया गया है। कई लोग अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं, जबकि घर, स्कूल और स्वास्थ्य सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। खाद्य आपूर्ति और मदद पहुंचाने में दिक्कतें बढ़ीं क्योंकि राजधानी मापुटो को दक्षिणी प्रांतों से जोड़ने वाले प्रमुख राजमार्गों के हिस्से पानी में डूब गए, जिससे लोग और सामान रास्ते में फंस गए।

सरकार ने कमी और संकट से बचने के लिए वैकल्पिक परिवहन पर जोर दिया है। कुछ हिस्सों में रेल सेवाओं के जरिए लोगों और जरूरी सामान की आवाजाही कराने की कोशिश हो रही है, साथ ही हवाई और समुद्री परिवहन का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। पड़ोसी दक्षिण अफ्रीका ने भी सीमा-पार बचाव में सहायता के लिए हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं और कई फंसे लोगों को निकालने का दावा किया है।

कई चालकों ने बताया कि वे जिस माल को लेकर जा रहे थे, वह पानी से खराब हो गया, जिससे उनकी आजीविका पर तत्काल असर पड़ा।

राहत एजेंसियां चेतावनी दे रही हैं कि प्रभावित समुदायों तक पहुंचना कठिन हो गया है और नावों व हेलीकॉप्टरों के सहारे सामग्री पहुंचानी पड़ रही है। बच्चों पर असर विशेष रूप से गंभीर बताया जा रहा है, क्योंकि कई परिवार घर छोड़ने को मजबूर हैं और बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। मौजूदा हालात में यह भी चिंता है कि मोज़ाम्बिक अब अपने वार्षिक चक्रवात मौसम की ओर बढ़ रहा है, जिससे ‘डबल संकट’ पैदा हो सकता है।

इस बाढ़ का असर क्षेत्रीय स्तर पर भी दिख रहा है। मलावी, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे जैसे देशों में भी इसी मौसम प्रणाली से जुड़े जलभराव और तबाही की खबरें हैं। दक्षिण अफ्रीका में बाढ़ ने पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया, और कुछ क्षेत्रों में मरम्मत में वर्षों लगने की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश जारी रहने पर विस्थापन और नुकसान बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई देशों की टीमें बचाव और राहत में सहयोग कर रही हैं। विशेषज्ञ यह भी रेखांकित करते हैं कि मोज़ाम्बिक जैसे देशों में बाढ़ और चक्रवात का जोखिम बार-बार उभरता रहा है, लेकिन लगातार भारी बारिश और चरम मौसम घटनाएं पुनर्बहाली को और कठिन बना रही हैं। आने वाले दिनों में मौसम और जलस्तर के रुझान राहत की दिशा तय करेंगे।

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स्रोत

  1. DWDW