चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने गणतंत्र दिवस पर भारत को भेजा संदेश, अच्छे पड़ोसी और विकास साझेदारी पर जोर
गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत को शुभकामनाएं भेजते हुए दोस्ती और सहयोग का संदेश दिया। उनके संदेश में ‘अच्छे पड़ोसी’ और ‘विकास के साझेदार’ जैसे शब्दों पर जोर दिखा, जिसे दोनों देशों के रिश्तों में नरमी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिल्ली को आधिकारिक शुभकामनाएं भेजते हुए द्विपक्षीय रिश्तों के लिए नरम और सहयोगी स्वर अपनाया। संदेश में उन्होंने भारत और चीन को ‘अच्छे पड़ोसी’ और विकास के साझेदार के रूप में पेश किया और कहा कि दोनों पक्षों को पारस्परिक चिंताओं को दूर करने, आपसी भरोसा बढ़ाने और संवाद मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।

कूटनीतिक हलकों में इस तरह की भाषा को सिर्फ औपचारिक शिष्टाचार भर नहीं माना जा रहा। संदेश का फोकस यह संकेत देता है कि बीते वर्षों में तनाव और अविश्वास के बीच फंसे रिश्तों को स्थिर करने की कोशिशें तेज हो सकती हैं। खास तौर से ‘विश्वास’ और ‘संवाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल इस बात पर जोर देता है कि चीन रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए सार्वजनिक रूप से सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है।
भारत की तरफ से ऐसे संदेशों को आम तौर पर तय राजनयिक प्रोटोकॉल के तहत लिया जाता है, लेकिन इसका व्यावहारिक अर्थ इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले हफ्तों में सीमा प्रबंधन, द्विपक्षीय बैठकों और आर्थिक संपर्कों को लेकर दोनों सरकारें क्या ठोस कदम उठाती हैं। 26 जनवरी के मौके पर आया यह संदेश कम से कम इतना जरूर बताता है कि बीजिंग रिश्तों में ‘रीसेट’ की बात को एक बार फिर मंच पर लाना चाहता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के संदेश अक्सर संकेतक की तरह काम करते हैं—किस मुद्दे पर जोर दिया जा रहा है और किस शब्दावली से माहौल बनाया जा रहा है। फिलहाल, संदेश का लहजा सहयोग, साझेदारी और संवाद को प्राथमिकता देता है, जो 2026 की शुरुआत में क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है।