गणतंत्र दिवस 2026: राजस्थान के नागौर में फार्महाउस से लगभग 10,000 किलो विस्फोटक जब्त, एक गिरफ्तार
राजस्थान पुलिस ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले नागौर जिले में अवैध खनन और तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सुनसान फार्महाउस से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त की।
26 जनवरी 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार राजस्थान पुलिस ने नागौर जिले में एक सुनसान फार्महाउस पर छापेमारी कर करीब 10,000 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया। शुरुआती जांच में इस कार्रवाई को अवैध खनन गतिविधियों से जुड़े विस्फोटक भंडारण और सप्लाई नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक छापे के दौरान अमोनियम नाइट्रेट के बोरे, डेटोनेटर और अन्य संबंधित सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने बताया कि यह बरामदगी केवल एक स्टॉक नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे संगठित सप्लाई-चेन और वितरण की आशंका है, इसलिए जांच का फोकस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने पर रहेगा।
गणतंत्र दिवस जैसे संवेदनशील मौके पर इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का पकड़ा जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी अलर्ट का संकेत है। पुलिस और जिला स्तर की स्पेशल टीमों की भूमिका, छापेमारी की टाइमिंग और जब्ती की मात्रा—तीनों ही इस केस को हाई-प्रायोरिटी बनाते हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक अवैध खनन क्षेत्रों में विस्फोटकों की मांग अक्सर ज्यादा रहती है, लेकिन नियमों के बाहर स्टोरेज और ट्रांसपोर्ट सुरक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करता है। ऐसे मामलों में लाइसेंसिंग, खरीद के दस्तावेज़, सप्लायर-लॉजिस्टिक्स और स्थानीय स्तर पर संरक्षण जैसे पहलुओं की गहन जांच की जाती है।
अगले चरण में पुलिस यह देख सकती है कि विस्फोटक कहां से लाए गए, किस उद्देश्य से रखे गए, किन-किन ठिकानों तक सप्लाई होती थी और क्या किसी कंपनी/ठेकेदार/दलाल की भूमिका सामने आती है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां, नेटवर्क के अन्य ठिकानों पर छापे और कानूनी कार्रवाई की संभावना बताई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में निगरानी बढ़ा सकती हैं। साथ ही, यह केस अवैध खनन पर सख्ती, विस्फोटक नियंत्रण और रूटीन इंटेलिजेंस-आधारित जांच के महत्व को भी रेखांकित करता है।