उत्तराखंड-हिमाचल-जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित, कई इलाकों में सड़कें बंद और बिजली आपूर्ति बाधित
25 जनवरी 2026 को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी ने रोजमर्रा की आवाजाही पर बड़ा असर डाला है। प्रशासन ने यात्रा में सावधानी बरतने और जरूरत न होने पर बाहर न निकलने की अपील की है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बीते दिनों हुई भारी बर्फबारी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई मार्गों पर बर्फ जमने के कारण आवागमन धीमा पड़ा है, जबकि कुछ जगहों पर सड़कें पूरी तरह बंद होने की खबर है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही को भी मुश्किल बना दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में लगातार गिरते तापमान और बर्फबारी के चलते यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। कई क्षेत्रों में वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं और कुछ महत्वपूर्ण मार्गों पर यातायात रोकना पड़ा। बर्फ हटाने और सड़कें बहाल करने के लिए प्रशासन की टीमें सक्रिय हैं, लेकिन मौसम के तेवर देखते हुए काम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप होने की भी जानकारी सामने आई है। बर्फबारी के कारण पेड़ गिरने, लाइनों पर बर्फ जमने और तकनीकी खराबियों जैसी समस्याएं बढ़ती हैं, जिससे बिजली बहाली में समय लग सकता है। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को चालू रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम अपडेट पर नजर रखें, अनावश्यक यात्रा टालें और यदि यात्रा जरूरी हो तो सावधानी बरतें। खासकर पहाड़ी सड़कों पर फिसलन, दृश्यता कम होने और अचानक मौसम बदलने के जोखिम को देखते हुए सतर्कता जरूरी बताई गई है।
मौसम की इस मार का असर स्थानीय कारोबार और पर्यटन गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। होटल, टैक्सी और स्थानीय बाजारों से जुड़े लोग आमतौर पर सर्दियों में पर्यटकों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन यदि मार्ग लंबे समय तक बंद रहे तो आवाजाही घट सकती है। दूसरी ओर, कुछ स्थानों पर ताजा बर्फबारी पर्यटकों की रुचि भी बढ़ाती है, बशर्ते कनेक्टिविटी सुरक्षित और सुचारु रहे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान बर्फबारी सामान्य मौसमी चक्र का हिस्सा है, लेकिन भारी बर्फबारी के दौर में आपदा-प्रबंधन और त्वरित प्रतिक्रिया सबसे अहम हो जाती है। सड़कें खोलने, बिजली बहाल करने, चिकित्सा सहायता और आपूर्ति शृंखला चालू रखने के लिए विभिन्न विभागों के समन्वय की जरूरत होती है।