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WEF 2026: दावोस में यूपी को 31 एमओयू के जरिए ₹2.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 119 हाई-लेवल मीटिंग्स का दावा

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान यूपी सरकार ने 31 एमओयू के माध्यम से करीब ₹2.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने 55+ कंपनियों के साथ 119 उच्च स्तरीय बैठकें कीं।

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में 19 से 23 जनवरी 2026 के बीच आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेश के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी को 31 एमओयू (MoU) के जरिए लगभग ₹2.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।

WEF 2026: दावोस में यूपी को 31 एमओयू के जरिए ₹2.92 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 119 हाई-लेवल मीटिंग्स का दावा
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खबर में यह भी बताया गया कि यूपी के प्रतिनिधिमंडल ने सम्मेलन के दौरान 119 उच्च स्तरीय बैठकें कीं, जिनमें दुनिया की 55 से अधिक प्रमुख कंपनियों की भागीदारी रही। सरकार की रणनीति यह रही कि वैश्विक निवेशकों को राज्य की औद्योगिक नीतियों, इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और मैन्युफैक्चरिंग/सेवाओं के अवसरों के बारे में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया जाए।

व्यावसायिक दृष्टि से ऐसे एमओयू आमतौर पर ‘इच्छा-प्रस्ताव’ और ‘रोडमैप’ का संकेत देते हैं, जिनका जमीन पर उतरना परियोजना स्वीकृतियों, भूमि-उपलब्धता, नियामकीय मंजूरी, वित्तपोषण और समयसीमा पर निर्भर करता है। इसलिए अब बाजार और उद्योग जगत की नजर इस बात पर होगी कि इन प्रस्तावों में किन क्षेत्रों—जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग या ऑटो—में निवेश की प्राथमिकता बनेगी।

राज्य सरकार के लिए चुनौती यह भी रहेगी कि निवेशकों को ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ के वादों के अनुरूप तेज क्रियान्वयन दिखे, ताकि एमओयू वास्तविक पूंजी निवेश, उत्पादन क्षमता और रोजगार में बदल सकें। रिपोर्टिंग के मुताबिक, सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर राज्य की ‘इन्वेस्टमेंट पिच’ का महत्वपूर्ण परिणाम बताया है।

दावोस में हुए समझौते और मीटिंग्स अब यूपी में परियोजनाओं, निवेश टाइमलाइन और जॉब-क्रिएशन के ‘एग्जीक्यूशन टेस्ट’ की ओर बढ़ेंगे।

रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

स्रोत

  1. Navbharat TimesNavbharat Times